दिनांक: २८/८/२०२६ | वार: शुक्रवार | माह: अगस्त | हिं.माह: भाद्रपद | तिथि: प्रतिपदा | न: शतभिषा | सू.05:25 AM | सा.06:12 PM
बाबा गरीबनाथ धाम

बाबा गरीबनाथ धाम

बिहार का देवघर - जाग्रत शिव स्थल

बाबा गरीबनाथ धाम जाग्रत शिव-स्थल के रूप में निरंतर प्रसिद्ध हो रहा है। यहाँ दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु भक्तों की आस्था इनके दर्शनों के प्रांत और भी गहरी होती जाती है।

जन-जन का विश्वास देवाधिदेव महादेव में अकारण ही नहीं है। शिव सबके हैं। जो भी शुद्ध मन और विश्वास के साथ इनके द्वार पर आता है, उसे दर्शन से केवल कृतार्थ ही नहीं करते बल्कि उसकी मनोकामना भी पूरी करते हैं। आशुतोष भोलेदानी ही सही अर्थ में 'गरीबनाथ' हैं। जिसका कोई नहीं, ईश्वर उसका सबसे ज्यादा होता है।

बाबा गरीबनाथ जन-जन के महानायक हैं। दूर-सुदूर से पावन गंगाजल कंधे पर कांवर में सहेज कर कठिन डगर को पार करते हुए आस्था और उल्लास से भरे हुए आबाल-वृद्ध स्त्री-पुरुष भक्त श्रद्धालु यहाँ आकर गंगाजल से बाबा का अभिषेक करते हैं। बाबा उसकी आस्था को स्वीकार करते हुए उसके मन को तृप्त करते हैं। कांवर-यात्रा जन-आस्था का महान सांस्कृतिक पर्व है।

कांवर यात्रा से

सन 1960 के आस-पास से श्रावण में सोनपुर से गंगाजल

प्रबंधन

बिहार राज्य धार्मिक न्यास पार्षद एवं ट्रस्ट

आराध्य

देवाधिदेव महादेव (श्री गरीबनाथ जी)

आस्था

बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, नेपाल तक

मंदिर का महत्व

वर्तमान बिहार में मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ ख्याति प्राप्त सिद्ध शिवलिंग के रूप में मान्य हैं। बाबा गरीबनाथ के प्रादुर्भाव और मंदिर विकास से जुड़ी हुई कथाएं हैं।

पवित्र सावन मास में पहलेजा से गंगा जल को कांवर पर लेकर आने वाले असंख्य कांवरियों के द्वारा हर सोमवारी के साथ ही हर दिन व्यापक जलाभिषेक किया जाता है। सावन भर कांवरिया पथ पर केसरिया वस्त्रों से सुसज्जित आबाल-वृद्ध स्त्री-पुरुषों का बोल बम जयघोष गूंजता रहता है।

अनेकानेक स्वयंसेवी संगठनों, भक्तों-श्रद्धालुओं, नागरिकों तथा विभिन्न प्रतिष्ठानों के द्वारा शिविर लगाकर कांवरियों की हर तरह की सेवा की जाती है।

बाबा गरीबनाथ धाम