बाबा गरीबनाथ धाम जाग्रत शिव-स्थल के रूप में निरंतर प्रसिद्ध हो रहा है। यहाँ दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु भक्तों की आस्था इनके दर्शनों के प्रांत और भी गहरी होती जाती है।
जन-जन का विश्वास देवाधिदेव महादेव में अकारण ही नहीं है। शिव सबके हैं। जो भी शुद्ध मन और विश्वास के साथ इनके द्वार पर आता है, उसे दर्शन से केवल कृतार्थ ही नहीं करते बल्कि उसकी मनोकामना भी पूरी करते हैं। आशुतोष भोलेदानी ही सही अर्थ में 'गरीबनाथ' हैं। जिसका कोई नहीं, ईश्वर उसका सबसे ज्यादा होता है।
बाबा गरीबनाथ जन-जन के महानायक हैं। दूर-सुदूर से पावन गंगाजल कंधे पर कांवर में सहेज कर कठिन डगर को पार करते हुए आस्था और उल्लास से भरे हुए आबाल-वृद्ध स्त्री-पुरुष भक्त श्रद्धालु यहाँ आकर गंगाजल से बाबा का अभिषेक करते हैं। बाबा उसकी आस्था को स्वीकार करते हुए उसके मन को तृप्त करते हैं। कांवर-यात्रा जन-आस्था का महान सांस्कृतिक पर्व है।